Har Pal Tadpati Hai Teri Yaade
क्यों तुझको देखना चाहती है मेरी आँखे, क्यों खामोशियाँ करती है बस तेरी बाते, क्यों इतना चाहने लगा हूँ तुझको मै, की तारे गिनते हुए कटती है मेरी राते, तू ही कुछ बता दे क्या मै करू इनका, हर पल जो मुझे तडपाती है तेरी यादे…
क्यों तुझको देखना चाहती है मेरी आँखे, क्यों खामोशियाँ करती है बस तेरी बाते, क्यों इतना चाहने लगा हूँ तुझको मै, की तारे गिनते हुए कटती है मेरी राते, तू ही कुछ बता दे क्या मै करू इनका, हर पल जो मुझे तडपाती है तेरी यादे…
इस तरह दिल मे समाओगे मालूम ना था, दिल को इतना तडपाओगे मालूम ना था, सोचा था दूर हो और याद नही आओगे, मगर इस कदर याद आओगे मालूम ना था…
आज फिर से उदासी छायी है, तन्हाई मे बैठे याद आप की आयी है, इन पलकों को बंद कैसे कर लूँ, इन आँखों मे तस्वीर जो आप की समायी है…
आज संकष्ट चतुर्थी श्री गणेशाच्या सर्व प्रिय भक्तांना संकष्ट चतुर्थीच्या हार्दिक शुभेच्छा.. आजच्या ह्या मंगलदिनी सर्व गणेशभक्तांच्या मनातील सर्व ईच्छित मनोकामना श्री गणराय पूर्ण करोत, हिच गणरायाच्या चरणी प्रार्थना… वक्रतुंड महाकाय, सूर्यकोटि समप्रभ ।। निर्विघ्नं कुरुमेदेव, सर्वकार्येषु सर्वदा ।। ।। ॐ गं गणपतये नमः ।।