Saari Raat Na Soye Hum

सारी रात न सोये हम,
रातो को उठ के कितना रोये हम,
बस एक बार मेरा कसूर बता दे रब्बा,
इतना प्यार करके भी क्यों न किसी के हुए हम…

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.