Jab Insaan Galatfahami Me
रिश्तों की डोरी तब कमजोर होती है, जब इंसान गलतफहमी में, पैदा होने वाले सवालों का जवाब, खुद ही बना लेता है…!!
रिश्तों की डोरी तब कमजोर होती है, जब इंसान गलतफहमी में, पैदा होने वाले सवालों का जवाब, खुद ही बना लेता है…!!
यूं तो खामोश ही रहती है आँखे, अगर समझ सको तो, बहुत कुछ कहती है आँखे, कौन कहता है, की रोती है आँखे, रोता तो दिल है, मगर कहती है आँखे…
इंतजार की घड़ियाँ अब ख़त्म हो गई है, अकेले रहने की आदत हमे हो गई है, न करेंगे कभी हम शिकायत तुझसे, क्योंकि तन्हाइयों से अब हमे मोहोब्बत हो गई है…
फूलों की तरह महकते रहो, सितारों की तरह चमकते रहो, किस्मत से मिली है ये ज़िन्दगी, खुद भी हँसो और औरों को भी हँसाते रहो…