Khud Se Maafi Maang Li Maine
आईने के सामने खड़े होकर खुद से, माफ़ी मांग ली मैंने, सबसे ज्यादा खुद का दिल दुखाया है, औरों को खुश करने में…!
आईने के सामने खड़े होकर खुद से, माफ़ी मांग ली मैंने, सबसे ज्यादा खुद का दिल दुखाया है, औरों को खुश करने में…!
तू रूठी रूठी सी रहती है ए ज़िन्दगी, कोई तरकीब बता तुझे मनाने की, मैं साँसे गिरवी रख दूंगा अपनी, बस तू कीमत बता मुस्कुराने की…!!!
हर दर्द की एक पहचान होती है, ख़ुशी चंद लम्हो की मेहमान होती है, वही बदलते है रुख हवाओं का, जिनके इरादों में जान होती है…
अपना बनाकर भुला रहा है कोई, ख्वाब दिखा कर रुला रहा है कोई, उसकी मौजूदगी से चलती है मेरी साँसे, ये जानते हुए भी दूर जा रहा है कोई…