Khuda Tumhe Lambi Umar De
तुम उदास हो तब हंसी मेरी लेना, कोई गम हो तुम्हे ख़ुशी मेरी लेना, खुदा तुम्हे लम्बी उम्र दे, और कम हो तो ज़िंदगी मेरी लेना…
तुम उदास हो तब हंसी मेरी लेना, कोई गम हो तुम्हे ख़ुशी मेरी लेना, खुदा तुम्हे लम्बी उम्र दे, और कम हो तो ज़िंदगी मेरी लेना…
दिल में आप हो और कोई ख़ास कैसे होगा? यादों में आपके सिवा कोई पास कैसे होगा? हिचकियाँ कहती है आप याद करते हो… पर बोलोगे नहीं तो मुझे एहसास कैसे होगा?
ज्या क्षणी तुम्हाला वाटेल की, एखादं नातं तोडण्याची वेळ आली आहे, त्या क्षणी आपल्या मनाला फक्त हेच विचारा की, “हे नातं एवढे दिवस का जपलं…?”
अजीब लगती है शाम कभी-कभी, ज़िंदगी लगती है बेजान कभी-कभी, समज में आये तो हमे भी बताना कि, क्यों करती है यादे परेशान कभी-कभी…