Na Bhool Paoge Hame
कितना भी चाहो ना भूल पाओगे हमे, जितनी दूर जाओगे नजदीक पाओगे हमे, मिटा सकते हो तो मिटा दो यादे हमारी, मगर क्या साँसों से जुदा कर पाओगे हमे…
कितना भी चाहो ना भूल पाओगे हमे, जितनी दूर जाओगे नजदीक पाओगे हमे, मिटा सकते हो तो मिटा दो यादे हमारी, मगर क्या साँसों से जुदा कर पाओगे हमे…
तमाम उमर जिंदगी से दूर रहे, तेरी खुशी के लिए अपनी खुशी से दूर रहे, अब इस से बढकर वफा की सजा क्या होगी, की तेरे होकर भी तुझसे दूर रहे…
एक नई शादीशुदा औरत कोक पी रही थी, उसमे एक मच्छर गिर गया, औरत ने उसे निकाला तो मच्छर बोला, “माँ!” औरत: तूने मुझे माँ क्यों कहा? मच्छर: मैं तेरी कोक से निकला हूँ, माँ!…
गांधीजी म्हणाले, दारू सोडा आणि पाणी प्या. तेव्हापासून लोक तिन्ही एकत्र करून पितात… ☺☺☺ नीट वाचा…