Dil Ki Baat Kisi Ko Bataya Na Karo
आँसुओ को पलकों तक लाया न करो, दिल की बात किसी को बताया न करो, लोग तो मुट्ठी में नमक लिए फिरते है, अपने जख्म किसी को दिखाया ना करो…
आँसुओ को पलकों तक लाया न करो, दिल की बात किसी को बताया न करो, लोग तो मुट्ठी में नमक लिए फिरते है, अपने जख्म किसी को दिखाया ना करो…
मिले तो हजारों लोग थे, जिंदगी में, पर वो सबसे अलग था, जो किस्मत में नहीं था…!
ऐ ‘सुबह’ तुम जब भी आना, सब के लिये “खुशियाँ” लाना, हर चेहरे पर “हँसी” सजाना, हर आँगन में फूल खिलाना…!!
आयुष्य बदलत असते, वर्गातून ऑफिस पर्यंत, पुस्तकांपासून फाईल पर्यंत, जीन्स पासून फॉर्मल पर्यंत, पॉकेटमनी पासून पगारापर्यंत, प्रेयसी पासून पत्नी पर्यंत, पण मित्र ते तसेच राहतात…