Takdir Se Naraj Nahi Hote
तक़दीर के खेल से नाराज नहीं होते, जिंदगी में कभी उदास नहीं होते, हांथो की लकीरों पे यकीन मत करना, तक़दीर तो उनकी भी होती है, जिन के हाथ ही नहीं होते… सुप्रभात!
तक़दीर के खेल से नाराज नहीं होते, जिंदगी में कभी उदास नहीं होते, हांथो की लकीरों पे यकीन मत करना, तक़दीर तो उनकी भी होती है, जिन के हाथ ही नहीं होते… सुप्रभात!
माझं प्रेम तुला कधी कळलंच नाही, मी वाट पाहत राहिलो, पण तुझं पाऊल कधी वळलंच नाही…
रहा तु कुठेही, पण जप मात्र स्वतःला.. आडोशाला उभे राहून, पाहीन मी तुझ्या सुखाला…
वक्त बदल गया, तुम बदल गए.. मुस्कुराने की वजह बदल गयी, पर रोने की वजह आज भी , “तुम ही हो”