Aap Jaise Dost Ko Bhulaya Nahi Jata
फुलों की महक को चुराया नही जाता, सुरज की किरणों को छुपाया नही जाता, कितनी भी दुरी हो दोस्ती मे, आप जैसे दोस्त को भुलाया नही जाता…
फुलों की महक को चुराया नही जाता, सुरज की किरणों को छुपाया नही जाता, कितनी भी दुरी हो दोस्ती मे, आप जैसे दोस्त को भुलाया नही जाता…
सुहागरात को पती: तुम्हीं मेरी साधना हो, तुम ही मेरी आराधना हो, तुम ही मेरी कल्पना हो, तुम ही मेरी कविता हो…! तो पत्नी भी भावुक होकर: तुम ही मेरे रमेश हो तुम ही मेरे दिनेश हो, तुम ही मेरे महेश हो और तुम ही मेरे गाँव वाले सुरेश हो…!
जुदा होने की बात हमसे मत किजिये, जुदा होकर तो कभी जी न पाएंगे, अरे आप तो शायद जी लेंगे हमारे बिन, मगर हम तो आपके बिना मर ही जायेंगे…
मुमकीन नही शायद किसी को समझ पाना, समझे बिना किसी से क्या दिल लगाना, आसान है किसी को दोस्त बनाना, बहुत मुश्कील है किसी की दोस्ती पाना…