Waqt Ki Raahon Me Aap Bhula De Chahe Hame
वक़्त की राहों मे आप भुला दे चाहे हमें, पर हम आपको भुला नहीं पाएंगे, तेरी दोस्ती की कसम ऐ दोस्त, तू आवाज़ दे सपने मे, हम हकिकत मे चले आएंगे…
वक़्त की राहों मे आप भुला दे चाहे हमें, पर हम आपको भुला नहीं पाएंगे, तेरी दोस्ती की कसम ऐ दोस्त, तू आवाज़ दे सपने मे, हम हकिकत मे चले आएंगे…
हर सागर के दो किनारे होते है, कुछ लोग जान से भी प्यारे होते है, ये ज़रूरी नहीं हर कोई पास हो, क्योंकी जिंदगी में यादों के भी सहारे होते है…
तुमसे दूरी का एहसास सताने लगा, तेरे साथ गुजारा हर लम्हा याद आने लगा, जब भी तुझे भूलने की कोशिश की ऐ दोस्त, तू दिल के और भी करीब आने लगा…
जिस के लिए सब कुछ लूटा दिया हमने, वो कहते है उनको भुला दिया हमने, गए थे हम उनके आँसू पोछने, इलजाम दे दिया की उनको रुला दिया हमने…