Maa Ko Naraj Na Karna

Maa Ko Naraj Na Karna

माँ तो जन्नत का फूल है,
प्यार करना उसका उसूल है,
दुनिया की मोहब्बत फिजूल है,
माँ की हर दुआ कबूल है,
माँ को नाराज करना
इंसान तेरी भूल है,
माँ के कदमो की मिटटी
जन्नत की धूल है…

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