Shreshta Mala Majhi Aai

ठेच लागता माझ्या पायी, वेदना होती तिच्या हृदयी, तेहतीस कोटी देवांमध्ये, श्रेष्ठ मला माझी “आई”… शुभ सकाळ!

Kadwa Lagta Hu Kyonki Sach Bolta Hun

कड़वा भी इसलिए लगता हूँ लोगो को, क्योंकि सच बोलता हूँ.. तुम कहो तो मीठा हो जाऊँ, फिर ये न कहना, बहुत झूट बोलते हो यार!!

Shree Sai Nath Maharaj Ji Ki Jay

ऐसा चढ़ा साई तेरी प्रीत का रंग, के डूब गए तेरी भक्ति के रंग में.. चढ़ी रहे तेरे भक्ति की खुमारी, छाया रहे तेरे नाम का सरूर… बोलो श्री साई नाथ महाराज जी की जय!

Om Shree Sai Ram

करता हूँ फरियाद “साई” बस इतनी रहमत कर देना, जो भी पुकारे तुझको बाबा, खुशियों से उसकी झोली भर देना… “ॐ श्री साई राम!”