Womens Day Poem in Hindi

औरत से है यह दुनिया सारी
फिर भी यह ग़ुलामी सहती है,

औरत के लिए है जीना सजा
फिर भी वह जीए जा रही है,

औरत संसार की किस्मत है
फिर भी किस्मत की मारी है,

औरत आज भी ज़िंदा जलती है,
फिर भी कहलाती वह क़ुरबानी है,

औरत के लिए रोना खता है
फिर भी वह हर ज़ुल्म सहती है,

औरत ने जनम दिया मर्दों को
फिर भी वह कहलाती पैरों की जूती है…

जागतिक महिला दिन की शुभकामनाएं!

Mahila Diwas Kavita

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Ads Blocker Image Powered by Code Help Pro
अपना एडब्लॉकर बंद करे - Adblocker Detected!

कृपया सेटिंग में जाकर अपना एडब्लॉकर बंद करे। इस पेज का अच्छा कंटेंट विज्ञापन के साथ पढ़े और हमें अच्छा काम करने के लिए सहयोग करे।

हा बंद किया!
Powered By
CHP Adblock Detector Plugin | Codehelppro