प्यार के बारे में 100+ मनोवैज्ञानिक तथ्य हिंदी में | True Love Facts in Hindi

Psychological Facts About True Love in Hindi

साइकोलाजी कहती है कि अगर
किसी इंसान से दूर होकर भी
उसे अपने दिल से नहीं निकाल पा रहे हो,
तो इसकी वजह सिर्फ और सिर्फ़ ये है कि
कही न कही उसके दिमाग में भी
तुम मौजूद हो..
और वो आपको भूलना भी चाहे तो
आपके दिमाग से निकलने वाली Vibrations
उसे भूलने नहीं देती,
और इसी वजह से दूर होकर भी दोनों
एक दूसरे से Connect रहते हो..


जिसे बहुत कोशिशों के बाद भी
अपने दिल से नहीं निकाल पा रहे हो
यकीन मानो उस वक़्त वो फिर से तुम्हारे पास
आने को बेताब हो जाएगा
जब उसकी मुलाकात भी
उसके जैसे इंसान से हो जाएगी
क्योंकि कहते हैं ना कि लोहे के ऊपर जब तक
लोहा नहीं चलता तब तक उसे भी अपने
लोहा होने का अभिमान होता है
उसी तरह जब एक धोखेबाज़ को
दूसरा धोखेबाज़ मिलता है तभी उसे सच्चे प्यार की
कीमत समझ आती है।


जब कोई इंसान आपको block कर दे
और बातें करना भी बंद कर दे
अगर आप अच्छे से जानते हैं कि
आपकी कोई गलती नहीं है फिर भी उसने आपको
block किया है अपने ego के चलते
आपके बहुत पूछने पर भी जवाब नहीं दे रहा है
बातें नहीं करना चाहता
तो उस वक़्त बिना देर किए आपको भी
उसे block कर देना चाहिए
ताकी उसे ये एहसास हो सके की
दरवाजे में कुंडी दोनों तरफ़ से होती है।


एक बात याद रखना कभी किसी को force मत करो कि
वो आपके साथ रहे क्योंकि जिसे आपके साथ रहना है
हज़ार मुश्किलों के बावजूद भी वो आपके साथ रहेगा
और जिसे जाना है एक गलती पर भी छोड़ जाएगा
इसलिए guys किसी के प्यार के सामने झुको
ego के सामने नहीं..


साइकोलॉजी कहती है कि अगर किसी
शख्स को भूलना आपके लिए बहुत
मुश्किल हो जाए,
तो मेरा यकीन मानो वो इंसान
तुम्हें एक बार जरूर मिलेगा।


अगर किसी इंसान को चाहकर भी
अपने दिल से
नहीं निकाल पा रहे हो..
तो कही ना कही ये कुदरत का संकेत है कि,
उस शख्स से मुलाकात आपकी फिर से
होगी कभी भी कही भी..
इंतज़ार करो वो लम्हा ज़रूर आएगा…


साइकोलाजी कहती है कि
रात को सोने से पहले
जिस आखिरी इंसान को तुम याद करते
करते
सो जाते हो
आगे चलकर वो इंसान तुम्हारी जिंदगी का
एक अहम हिस्सा बन जाता है
और तुम्हारे सुख दुःख की वजह होता है..


बहुत कोशिशो के बाद भी अगर
किसी को भुलाना मुश्किल हो जाए..
तो समझ लेना कि उसके
दिल में भी तुम हो…


हरवक़्त अगर एक ही इंसान के बारे में
बहुत ज्यादा सोच रहे हो तो
समझ लो कि
कही ना कही आप खुश नसीब हो
क्योंकि ऐसा तभी होता है जब
वो इंसान आपके बारे में सोच रहा होता है..


तब समझ जाना कि सच में
वो भी तुम्हें बहुत miss करता है।
जब तुम उसे किसी भी वक़्त भूल ना पाओ
क्योंकि
ऐसा तभी होता है जब सामने वाले के दिल,
दिमाग में तुम्हारे लिए एक space
हरवक़्त होता है
इसे कभी आजमा कर ज़रूर देखना…


जुदा होने के बाद भी अगर 30
दिनों के अंदर
वो शख्स तुम्हारे दिल और दिमाग से
ना निकल पाए
तो समझ लेना कि
वो भी तुम्हें भुला नहीं पाया है..


किसी इंसान से दूर होने के बाद भी अगर
उसे भुला नहीं पा रहे हो तो
इसकी वजह सिर्फ़ इतनी सी है कि
कुछ चीज़े अभी अधूरी रह गयी है
जिसे अभी मुकम्मल होना बाकी है…


किसी एक इंसान की याद लगातार
आते रहना
ये इस बात का पक्का संकेत है
कि उसके दिल में भी तुम हो…


साइकोलाजी कहती है कि
रात को सोने से पहले
जिस आखिरी शख्स को तुम
याद करते हो,
तो ये इस बात का बहुत बड़ा संकेत है
कि वही शख्स
तुम्हारे सुख और दुख का कारण है..


याद रखना वो इंसान जुदा होकर भी तुम्हें
कभी भूल नहीं पाएगा
हमेशा उसके दिमाग या दिल में जिंदा रहोगे
जिस इंसान से जुदा होने के बाद भी
तुमने कभी उसके आत्म सम्मान पे उंगली ना उठाई हो,
जिस reason से गया उसे चुप – चाप
जाने दिया हो..


जब ये दो बड़े संकेत मिले तो
समझ जाना कि,
पहला संकेत – अगर
एक दूजे को खोने का डर दोनों तरफ़ से हो
दूसरा संकेत – एक गुस्सा करने में expert हो
और दूसरा मनाने में क्योंकि गुस्सा भी वही होते हैं
जहाँ दिल का रिश्ता होता है और मनाते भी हम उसी को हैं।
जिसे हमारा दिल चुनता है।


अगर आपको ऐसा लगे कि
अब वो शख्स आपको
बिल्कुल याद नहीं करता,
फिर भी उसके लिए बेचैनी बढ़ती जाए
तो समझ लेना कि
ये कुदरत का सीधा संकेत है कि
उस शख्स से
आपकी मुलाकात फिर से होगी…
क्योंकि ईश्वर ने अगर उसे आपकी यादो मे
आज भी संजो कर रखा है तो वजह बेवजह नहीं होगी
इसलिए इंतज़ार करो उस दिन का…

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किसी से बिछडकर इसलिए उसकी यादें
बहुत ज्यादा आने लगती है
क्योंकि
किसी से बिछडना Unexpected होता है।
जब हम किसी से attach होते हैं।
तो ये उस वक़्त बिल्कुल नहीं सोचते कि
उससे कभी अलग होगे
और इसीलिए अलग होने क बाद यादें
पहले से ज्यादा बढ़ जाती है।


साइकोलाजी कहती है कि
जब किसी की याद
हद से ज्यादा सताने लगे।
तो समझ जाना कि
उसकी यादो में भी आप मौजूद हो
दोस्तों ये सिर्फ कहने की बातें नहीं है।
साइकोलाजी ने इसे proof भी किया है।


हरवक़्त अगर एक ही इंसान की याद
बहुत ज्यादा सताने लगे
तो आप बहुत खुश नसीब हो क्योंकि,
ये सीधा संकेत है कि
उस शख्स के दिल मे भी आप हो

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