Tere Milne Ki Aas Ab Bhi Rehti Hai
किसी की याद मेरे आस पास रहती है, बहुत दिनों से तबियत उदास रहती है, बिछड गया है मगर दिल ये मानता ही नही, ना जाने क्यों तेरे मिलने की आस अब भी रहती है…
किसी की याद मेरे आस पास रहती है, बहुत दिनों से तबियत उदास रहती है, बिछड गया है मगर दिल ये मानता ही नही, ना जाने क्यों तेरे मिलने की आस अब भी रहती है…
दिल से दूर जिसे हम कर ना सके, पास भी कभी उन्हे हम पा ना सके, मिटा दिया प्यार जिसने हमारा दिल से, हम उनका नाम लिखकर भी मिटा ना सके…
इंतजार की आरजू अब खो गयी है, खामोशियों की आदत हो गयी है, ना शिकवा रहा ना शिकायत किसी से, अगर है तो एक मोहब्बत, जो इन तन्हाइयों से हो गयी है…
परायों से दोस्ती की उम्मीद नही होती, मर जाने के बाद कोई ख्वाहीश नही होती, कही एक प्यारा सा दिल टूटा होगा इस दुनिया मे, वरना निगाहोंसे से आँसुओं की बरसात नही होती…