Kisi Ko Yaad Na Karta Koi
शिकायत नही करता जमाने से कोई, अगर मान जाता मनाने से कोई, किसी को फिर याद ना करता कोई, अगर भूल जाता भुलाने से कोई…
शिकायत नही करता जमाने से कोई, अगर मान जाता मनाने से कोई, किसी को फिर याद ना करता कोई, अगर भूल जाता भुलाने से कोई…
एक तमन्ना थी उनसे मिलने की, उनको अपनी बाँहों मे लेने की, पर हम ख्वाहीशों मे ही सिमट कर रह गये, प्यार के समंदर मे डूबने का शौक था, पर हम किनारों पर ही खडे रह गये, मिले अगर कभी वो तो कहना, हम सिर्फ उनके इंतजार मे ही रह गये…
जख्म ऎसा दिया की कोई दवा काम नही आयी, आग ऎसी लगाई की पानी से भी बुझ ना पायी, आज भी रोते है हम उनकी याद मे, जो छोडकर चले गये और उन्हे हमारी याद तक ना आयी…
उदास लम्हों की ना कोई याद रखना, तूफान मे भी वजूद अपना संभल कर रखना, किसी के जिंदगी की खुशी हो तुम, यही सोचकर तुम अपना खयाल रखना…