Ruthna To Har Koi Janta Hai
रूठना तो हर कोई जानता है, पर हर किसी के पास, प्यार से मनाने वाला नहीं होता…
रूठना तो हर कोई जानता है, पर हर किसी के पास, प्यार से मनाने वाला नहीं होता…
कितने वर्षो का सफर खाक हुआ… उसने जब पूछा, “कहो कैसे आना हुआ…?”
किस्मत से लड़ने मे, मजा आ रहा है दोस्तों, ये मुझे जितने नहीं दे रही, और हार मैं मान नहीं रहा…
“बुराई” इसलिए नहीं पनपती की, बुरा करने वाले लोग बढ़ गए है, बल्कि इसलिए बढ़ती है की, सहन करने वाले लोग बढ़ गए है…