Koi Khushiyon Ki Chah Me Roya
कोई खुशियों की चाह मे रोया, कोई दुःखों की पनाह मे रोया, अजीब सिलसिला है ये ज़िन्दगी का, कोई भरोसे के लिए रोया, कोई भरोसा कर के रोया…
कोई खुशियों की चाह मे रोया, कोई दुःखों की पनाह मे रोया, अजीब सिलसिला है ये ज़िन्दगी का, कोई भरोसे के लिए रोया, कोई भरोसा कर के रोया…
मेरे यार बिना कोई महफिल ना सजती है, जैसे चाँद बिना रात अधुरी लगती है, ऐ खुदा सब को ऎसा यार देना, जिसके आने से जिंदगी रोशन सी लगती है…
किसीने एक दिन भगवान से पूँछा, “आपने हमें 2 आँखे, 2 कान, 2 हाथ, 2 पैर, 2 होंठ और 2 किडनी दी है, लेकिन सिर्फ एक ही दिल क्यों?” भगवान ने उत्तर दिया, “प्रिये, दिल भी 2 दिये हैं, बस दूसरा ढूँढ़ना पड़ता है”…
खफा भी करते है वफा भी करते है, अपने प्यार को वो आँखों से बया भी करते है, ना जाने कैसी नाराजगी है उनकी हमसे, हमें खोना भी चाहते है और पाने की दुवा भी करते है…