Apna Banakar Chod Diya

अपनी तक़दीर में तो कुछ ऐसे ही सिलसिले लिखे है, किसी ने वक्त गुजारने के लिए, अपना बनाया, तो किसी ने अपना बनाकर ‘वक्त’ गुजार लिया…

Mere Dost Bagad Bille

मैंने एक दिन मंदिर की दानपेटी में एक सिक्का डालकर भगवान से अच्छे दोस्तों को माँगा… . . . तब भगवान ने तुम सब को मेरी जिंदगी में भेजा, और बोले: एक रुपये में ऐसे ही बागड-बिल्ले मिलेंगे…

Kabhi Ruthna Mat Unse

कभी रूठना मत उनसे, वरना जिंदगी बिखर जाएगी… ये कोई खुली हुई जुल्फ नहीं, जो फिर से सवर जाएगी… जुदा न होना कभी उनसे, जो जान देता हो तुम पर… वरना उसकी याद में ही, जिंदगी गुजर जाएगी…!!

Sorry” Aur “Thanks

कहते है की रिश्ते में, “Sorry” और “Thanks” नहीं होने चाहिए, लेकिन हकीकत मे, यही दो लफ्ज रिश्तों को बचाते है…