Tum Aa Jao Waapis by Neha Kulkarni - Reading Time: 5 mins read ADVERTISEMENT ज़िन्दगी जैसे एक सजा सी हो गई है, ग़म के सागर में इस क़दर खो गई है, तुम आ जाओ वापिस यह गुज़ारिश है मेरी, मुझे शायद तुम्हारी आदत सी हो गई है…