Juban Sambahl Ke Rakho by Neha Kulkarni - Reading Time: 5 mins read ADVERTISEMENT ‘इंसान’ एक दुकान हैं, और ‘जुबान’ उसका ताला.. ताला खुलता हैं, तभी मालुम होता हैं कि, दुकान सोने की हैं, या कोयले की…