चिड़िया जब जीवित रहती है, तब वो चींटी को खाती है.. चिड़िया जब मर जाती है, तब चींटिया उसको खा जाती है.. इसलिए इस बातका ध्यान रखो की, समय और स्थिति कभी भी बदल सकते ...
जिंदगी के किसी भी मोड़ पर, ‘आप’वही करना, जो ‘आपका’ ‘दिल’ आपसे कहे, क्योंकि जो ‘दिमाग’ कहता है, वो’ मज़बूरी’ होती है, और जो दिल कहता है, वो ‘मंजूरी’ होती है…