Uth Jaa Kambakhat by Neha Kulkarni - Reading Time: 5 mins read ADVERTISEMENT माँ अपने बेटे से: उठ जा कम्बखत, देख सूरज कब का निकल आया है, बेटा अपनी माँ से: तो क्या हुआ माँ! वो सोता भी तो मुझसे पहले है… ☺☺☺