ठुकराकर उसने मुझे कहा की मुस्कुराओ,
मैंने मुस्कुरा दिया, आखिर सवाल उसकी ख़ुशी का था,
मैंने खोया वह जो मेरा नहीं था,
मगर उसने खोया वह जो उसी का था…