Sab Dost Bichad Gaye Hamse by Neha Kulkarni - Reading Time: 5 mins read ADVERTISEMENT न जाने क्यूँ हमें आँसू बहाना नहीं आता, न जाने क्यूँ हाले दिल बताना नहीं आता, क्यूँ सब दोस्त बिछड़ गए हमसे, शायद हमें ही साथ निभाना नहीं आता…