नफरत थी हमसे तो इज़हार क्यों किया..?
देना था ज़हर तो प्यार क्यों किया..?
देकर ज़हर कहते हो पीना ही होगा और,
जब पी गए ज़हर तो कहते हो अब जीना ही होगा…