Mere Jakhmo Pe Wo Muskarane Lage by Neha Kulkarni - Reading Time: 5 mins read ADVERTISEMENT आज वो अपने होकर भी बेगाने लगे, करीब होकर भी दूर लगने लगे, एक आह पे गिरते थे जिन के हजारों आँसू, आज वो मेरे जख्मो पे मुस्कराने लगे…