Mehfil Main Kuch To Sunana Padta Hai by Neha Kulkarni - Reading Time: 5 mins read ADVERTISEMENT मेहफिल मैं कुछ तो सुनाना पडता है, ग़म छुपाकर मुस्कुराना पडता है, कभी उनके हम भी थे दोस्त, आज कल उन्हे याद दिलाना पडता है…