Kuch Pane Ke Liye Kuch Khona Padta Hai by Neha Kulkarni - Reading Time: 5 mins read ADVERTISEMENT कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है, मुस्कुराने के लिए भी रोना पड़ता है, यू ही नहीं होता है सवेरा, सुबह होने के लिए रात भर सोना पड़ता है!