Koi Khushiyon Ki Chah Me Roya by Neha Kulkarni - Reading Time: 5 mins read ADVERTISEMENT कोई खुशियों की चाह मे रोया, कोई दुःखों की पनाह मे रोया, अजीब सिलसिला है ये ज़िन्दगी का, कोई भरोसे के लिए रोया, कोई भरोसा कर के रोया…