Khamoshi Teri Mujhpe Barasti Hai by Neha Kulkarni - Reading Time: 5 mins read ADVERTISEMENT खामोशी तेरी मुझपे बरसती है मेरी हर आह तेरा दर्द समझती है, मालूम है की मज़बूर है तू, फिर भी मेरी नज़र तेरे दीदार को तरसती है…