Khamoshi Koi Samjhe To by Neha Kulkarni - Reading Time: 5 mins read ADVERTISEMENT भीगी आँखों से मुस्कुराने मे मज़ा और है, हँसते हँसते पलके भिगाने मे मज़ा और है, बात कहके तो कोई भी समझ लेता है पर, ख़ामोशी कोई समझे तो मज़ा और है…