Kaash Tum Akhbar Hoti by Neha Kulkarni - Reading Time: 5 mins read ADVERTISEMENT पत्नी :- काश मैं अख़बार होती, कम से कम रोज तुम मुझे अपने हाथों में तो लेते… पति- मेरी भी इच्छा थी की तुम अख़बार होती, कम से कम रोज नयी तो मिलती!