Jine Ki Khwahish Me Har Roj Marte Hai by Neha Kulkarni - Reading Time: 5 mins read ADVERTISEMENT जीने की ख्वाहीश मे हर रोज मरते है, वो आए ना आए हम इंतजार करते है, झूठा ही सही मेरे यार का वादा, हम आज भी सच मानकर उन पर ऐतबार करते है…