दिल में आप हो और कोई ख़ास कैसे होगा?
यादों में आपके सिवा कोई पास कैसे होगा?
हिचकियाँ कहती है आप याद करते हो…
पर बोलोगे नहीं तो मुझे एहसास कैसे होगा?