Har Mulakat Par Waqt Ka Takaza Hua by Neha Kulkarni - Reading Time: 5 mins read ADVERTISEMENT हर मुलाकात पर वक्त का तकाज़ा हुआ, हर याद पे दिल का दर्द ताजा हुआ, सुनी थी सिर्फ हमने गज़लों मे जुदाई की बातें, अब खुद पे बीती तो हकीकत का अंदाजा हुआ…