Har Koi Kisi Ki Majburi Nahi Samjhta by Neha Kulkarni - Reading Time: 5 mins read ADVERTISEMENT हर कोई किसी की मजबूरी नही समझता, दिल से दिल की दुरी नही समझता, कोई तो किसी के बिना मर मर के जीता है, और कोई किसी को याद करना भी जरूरी नही समझता…