उम्मीद की कश्ती को कोई डूबा नहीं सकता,
रोशनी के दिये को कोई बुझा नहीं सकता,
हमारा प्यार तो ताजमहल की तरह है,
जिसे कोई दूसरा बना नहीं सकता…