Ek Janaza Aur Ek Doli Takra Gaye by Neha Kulkarni - Reading Time: 5 mins read ADVERTISEMENT एक जनाज़ा और एक डोली टकरा गए, उसको देखने वाले भी घबरा गए, किसी ने पूछा ये कैसी बिदाई है, तब ऊपर से आवाज़ आई महबूब की डोली देखने यार की मय्यत आई है…