Ek Barish Mere Saath Roti Rahi by Neha Kulkarni - Reading Time: 5 mins read ADVERTISEMENT मेरी मोहब्बत बेजुबाँ होती रही, दिल की धड़कने अपना वजूद खोती रही, कोई नहीं आया मेरे दुःख में करीब, एक बारिश थी जो मेरे साथ रोती रही…