Dosti Ho To Kanto Ki Tarah Ho by Neha Kulkarni - Reading Time: 5 mins read ADVERTISEMENT अपनी दोस्ती फुलों की तरह ना हो, एक बार खिले और मुरझा जाए, दोस्ती हो तो कांटो की तरह हो, जो एक बार चुबे तो बार-बार याद आए…