Dosti Ghazal Hai Gungunane Ke Liye by Neha Kulkarni - Reading Time: 5 mins read ADVERTISEMENT दोस्ती ग़जल है गुनगुनाने के लिए, दोस्ती नगमा है सुनाने के लिए, ये वह जज़्बा है जो सबको मिलता नही, क्योंकी दिल चाहिए इसे निभाने के लिए…