Apna Banakar Bhula Raha Hai Koi by Neha Kulkarni - Reading Time: 5 mins read ADVERTISEMENT अपना बनाकर भुला रहा है कोई, ख्वाब दिखा कर रुला रहा है कोई, उसकी मौजूदगी से चलती है मेरी साँसे, ये जानते हुए भी दूर जा रहा है कोई…