Ab Hame Ruth Jane Ki Aadat Nahi Rahi by Neha Kulkarni - Reading Time: 5 mins read ADVERTISEMENT सपनों से दिल लगाने की आदत नहीं रही, हर वक्त मुस्कुराने की आदत नहीं रही, ये सोच के की कोई मनाने नहीं आएगा, अब हमें रूठ जाने की आदत नहीं रही…