Aaj Kuchh Kami Hai Tere Bagair by Neha Kulkarni - Reading Time: 5 mins read ADVERTISEMENT आज कुछ कमी है तेरे बगैर, ना रंग ना रोशनी है तेरे बगैर, वक़्त अपनी रफ्तार से चल रहा है, बस धडकन मेरी थमी है तेरे बगैर…